स्फटिक भस्म: फायदे, नुकसान, खुराक, घटक | Sphatika Bhasma in Hindi

Sphatika Bhasma in Hindi
नाम (Name) Sphatika Bhasma
संरचना (Composition) एल्यूमिनियम सल्फेट + पोटेशियम सल्फेट
दवा-प्रकार (Type of Drug) हर्बल दवाई
उपयोग (Uses) त्वचा के रोगों, कफ, रक्त प्रदर, पुरानी खांसी, छाती में जकड़न, ब्रोंकाइटिस आदि
दुष्प्रभाव (Side Effects) पेट में सूजन, अल्सर, उल्टी, कमजोरी आदि
ख़ुराक (Dosage) डॉक्टरी सलाह अनुसार
किसी अवस्था पर प्रभाव गर्भावस्था
खाद्य पदार्थ से प्रतिक्रिया अज्ञात
अन्य दवाई से प्रतिक्रिया अज्ञात

स्फटिक भस्म क्या है? – What is Sphatika Bhasma in Hindi

स्फटिक भस्म एक गुणकारी आयुर्वेदिक औषधि हैं, जिसे कच्ची फिटकरी से निर्मित किया हैं। इस दवा की पहचान फिटकरी भस्म या शुभ्र भस्म के नाम से भी की जा सकता हैं। स्फटिक भस्म का मुख्य उपयोग रक्त का थक्का बनाने और श्वशन में पैदा रुकावटों को रोकने हेतु किया जाता हैं। इस दवा का इस्तेमाल आंतरिक रोगों के साथ-साथ कुछ बाहरी रोगों से बचाव हेतु भी किया जा सकता हैं।

फिटकरी से बनी यह स्फटिक भस्म त्वचा के रोगों, कफ, रक्त प्रदर, पुरानी खांसी, छाती में जकड़न, ब्रोंकाइटिस, बुखार, खून की उल्टी, पेट दर्द, मासिक धर्म की समस्याएं, दस्त, कृमि संक्रमण, बवासीर, मुँह और कान के विकारों आदि सभी लक्षणों के इलाज में सफलतापूर्वक कार्य करती हैं।

यदि कोई जहरीला जानवर काट लेता हैं, तो इस भस्म का प्राथमिक इस्तेमाल कर शारीरिक विषाक्ता को खत्म किया जा सकता हैं।

स्फटिक भस्म की संरचना – Sphatika Bhasma Composition in Hindi

निम्न घटक स्फटिक भस्म में होते है।

एल्यूमिनियम सल्फेट + पोटेशियम सल्फेट

स्फटिक भस्म कैसे काम करती है?

  • स्फटिक भस्म एक अशुद्धि मुक्त हर्बल दवा हैं, जिसमें मुख्य सक्रिय भूमिका के रूप में सिर्फ शुद्ध फिटकरी शामिल होती हैं।
  • आयुर्वेदिक ढंग से बनी इस दवा में कुछ रासायनिक यौगिक भी उपस्थित होते हैं।
  • ये दोनों रासायनिक यौगिक रंगहीन और जल में आसानी से घुलनशील होते हैं। फिटकरी का रासायनिक सूत्र: K2SO4.Al2(SO4)3.24H2O
  • इस दवा में बहुत सारे गुणों का समावेश होता हैं जिसके कारण यह एक असरदार दवा हैं। इन गुणों के आधार पर इस दवा के फायदों का अंदाजा लगाया जा सकता हैं।
  • यह दवा एक अच्छी एंटी-बैक्टीरियल का कार्य करती हैं, जो त्वचा या अन्य संक्रमणों को फैलने से रोकने में सहायक हैं।
  • यह दवा चोंट लगने के कारण घाव से खून बहने की स्थिति में उस प्रभावित क्षेत्र में प्रवाहित रक्त को गाढ़ा कर रक्त का थक्का जल्दी बनाने में मदद करती हैं, जिससे खून की हानि कम होती हैं।
  • यह दवा एक बेहतरीन कफ और पित्त नाशक का करती हैं। इससे श्वसन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और श्वसन दर में सुधार आता हैं।

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स्फटिक भस्म के उपयोग व फायदे – Sphatika Bhasma Uses & Benefits in Hindi

स्फटिक भस्म के नियमित सही सेवन के निम्न उपयोग व फायदे है।

  • बाहरी घावों को जल्दी भरना
  • खून की क्षति को कम करना
  • निमोनिया में फायदेमंद
  • काली खांसी को दूर करना
  • कफ और पित्त नाशक
  • मासिक चक्र में प्राकृतिक स्थिरता
  • विषाक्तता को फटाफट मिटाना
  • खूनी बवासीर में लाभकारी
  • दस्त का इलाज
  • पोषक तत्वों की अनावश्यक हानि को रोकना
  • रक्तप्रदर से शांति
  • आंतों में फैले संक्रमणों का इलाज
  • मलेरिया में कुछ हद तक फायदेमंद
  • मुँह में छालों का अंत
  • कानों के सही से संचालन
  • आंखों की लालिमा और सूजन दूर करने में फायदेमंद
  • फेफड़ों के दबाव को करना और श्वसन दर में बढ़ोतरी करना

स्फटिक भस्म के दुष्प्रभाव – Sphatika Bhasma Side Effects in Hindi

शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति थोड़े से प्रयासों के कारण रोग मुक्त जीवन जीने की उमंग बढ़ जाती हैं। स्फटिक भस्म भी एक ऐसी ही दवा हैं। जो शरीर को बेहद लाभ पहुँचाती हैं। लेकिन लगातार गलत इस्तेमाल या इसके प्रति शरीर की अलग प्रतिक्रिया के कारण कुछ नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।

कुछ संवेदनशील स्थितियों में भी इस दवा से दूर रहने की सलाह दी जाती हैं। इसकी खुराक में लापरवाही करने से पैदा कुछ ज्ञात विषम लक्षणों की सूची निम्नलिखित हैं।

  • पेट में सूजन
  • अल्सर
  • उल्टी
  • कमजोरी
  • हार्मोन असंतुलन
  • नींदापन

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स्फटिक भस्म की खुराक – Sphatika Bhasma Dosage in Hindi

  • स्फटिक भस्म बेहतरीन लाभ पाने के लिए इसकी खुराक रोजाना एक निश्चित समय पर लेने की जरूरत हैं। इस दवा की खुराक शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर का परामर्श जरूर लेवें।
  • एक सामान्य आयु के व्यक्ति में इसकी खुराक रोजाना 125-500mg के बीच दी जा सकती हैं। खुराक को कम या ज्यादा लक्षण की गंभीरता के आधार पर किया जा सकता हैं।
  • बच्चों में इस दवा का इस्तेमाल किया जा सकता हैं। बच्चों में इस दवा की खुराक 65-250mg तक प्रतिदिन विभाजित भागों में दी जा सकती हैं।
  • इस दवा की खुराक भोजन के बाद शहद के साथ लेना बहुत ही लाभकारी हैं।
  • छूटी हुई खुराक को समय रहते लेना उचित हैं। अगर अगली खुराक का समय निकट हैं तो मिस्ड खुराक को छोड़ देना चाहिए।
  • ज्यादा सेवन से ओवरडोज़ की संभावना हो सकती हैं। ओवरडोज़ महसूस होने पर तुरुंत चिकित्सा सहायता तलाश की जानी चाहिए।

सावधानिया – Sphatika Bhasma Precautions in Hindi

  • स्फटिक भस्म के नुकसानों से बचाव हेतु हर तरह की सावधानी के इस बारें में एक अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर से राय लेवें।
  • दवा की अनावश्यक खुराक लेने से बचें।
  • एक्सपायरी या खराब दवा का सेवन करने से भी बचें।
  • आंतरिक इस्तेमाल की आवश्यकता महसूस होने पर चिकित्सक से परामर्श लेवें।
  • खाली पेट इसे लेने से बचें।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में स्फटिक भस्म से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही Sphatika Bhasma की खुराक लें।

  • गर्भावस्था
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

स्फटिक भस्म के साथ भोजन की प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

अन्य दवाई के साथ प्रतिक्रिया

स्फटिक भस्म के साथ अन्य जारी दवाई के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है। इस विषय पर डॉक्टर से उचित सलाह लें।

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Sphatika Bhasma FAQ in Hindi

1) क्या स्फटिक भस्म मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करती हैं?

उत्तर: मासिक धर्म चक्र के दौरान होने वाली कई गतिविधियों पर यह दवा अपना सकारात्मक प्रभाव छोड़ती हैं। यह दवा मासिक धर्म चक्र को प्रभावित नहीं करती हैं और साथ ही इस दौरान होने वाली मामूली समस्याओं के इलाज में भी सहायता करती हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने निजी मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक की सलाह लेवें।

2) स्फटिक भस्म का इस्तेमाल दिन में कितनी बार करना उचित हैं?

उत्तर: इस दवा की एक दिन में अधिकतम खुराक की मात्रा ज्यादा होने के कारण इसे तीन भागों में विभाजित कर अलग-अलग समय पर लिया जाना चाहिए। एक दिन में इस दवा को 2-3 बार ले सकते हैं।

3) क्या स्फटिक भस्म गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं?

उत्तर: ऐसी महिलाओं में इस दवा के सेवन से परहेज किया जाना चाहिए। यह दवा कुछ विषम परिस्थितियां पैदा कर सकती हैं, जो शिशु के लिए असहनीय हो सकती हैं। इस विषय से ज्यादा जानकारी के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर से व्यक्तिगत सम्पर्क करें।

4) क्या स्फटिक भस्म के सेवन से इसकी आदत लग सकती हैं?

उत्तर: नहीं, इस दवा के सेवन से इसकी आदत नहीं लगती हैं। क्योंकि स्फटिक भस्म एक शुद्ध फिटकरी हैं, जो शरीर बोझ नहीं बनती हैं। हालांकि इसका सेवन ज्यादा समय के लिए अनुशंसित नहीं किया जाता हैं।

5) क्या स्फटिक भस्म भारत में लीगल हैं?

उत्तर: स्फटिक भस्म भारत में पूर्णतया लीगल हैं और हर आयुर्वेदिक स्टोर पर आसानी से उपलब्ध हैं।

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