पंचतिक्त घृत: नुकसान, फायदे, उपयोग, खुराक | Panchatikta Ghrita in Hindi

Panchatikta Ghrita in Hindi

पंचतिक्त घृत क्या है? – What is Panchatikta Ghrita in Hindi

पंचतिक्त घृत एक प्राकृतिक गुणों से युक्त आयुर्वेदिक दवा हैं, जिसे पांचों तत्वों के संयोजन से बनाया जाता हैं। पंचतिक्त घृत का उपयोग मुख्य रूप से वात, कफ और पित्त संबंधी रोगों के उपचार हेतु किया जाता हैं। यह दवा अनचाहे संक्रमणों से भी रक्षा करती हैं।

इसके अतिरिक्त, यह दवा खांसी, बवासीर, कृमि संक्रमण, त्वचा संबंधी विकार (खुजली, सूखापन, जलन, सूजन, घाव आदि), अत्यधिक बलगम, भारी सांस आदि सभी परेशानियों का इलाज सहजता से करती हैं।

शरीर के भीतर विषाक्त पदार्थों की अधिकता में हो रहे कष्टों को मिटाने हेतु भी यह दवा एक बेहतरीन विकल्प हैं। एलर्जी और अतिसंवेदनशीलता के मामलों में इस दवा के सेवन में पूरी तरह बचा जाना चाहिए।

पंचतिक्त घृत की संरचना – Panchatikta Ghrita Composition in Hindi

निम्न घटक Panchatikta Ghrita में होते है। पंचतिक्त घृत औषधि को बनाने में आवश्यक मुख्य पांच प्राकृतिक सामग्रियों की सूची निम्नलिखित हैं-

नीम + पटोल + कंटकारी + वासा + गिलोय

Panchatikta Ghrita कैसे काम करती है?

इस दवा की कार्य क्षमता इसमें उपस्थित तत्वों की गुणवत्ता पर आधारित होती हैं।

  • नीम की उपस्थिति इस दवा को ओर प्रभावशाली बनाती हैं। नीम एक बेहतरीन एंटीफंगल एजेंट हैं, जो त्वचा संबंधी रोगों के निदान हेतु लाभकारी हैं। साथ ही, यह रक्त की शुद्धि कर शारीरिक सौंदर्य को बढ़ाने का भी कार्य करता हैं।
  • पटोल के पत्ते एक रेचक का कार्य करते हैं, जो आंतों के तनाव को सुधारकर कृमि संक्रमणों का इलाज करते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं।
  • कंटकारी स्वाद में कड़वा होता हैं, जो सर्दी, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, बुखार, यकृत का बढ़ना आदि सभी के इलाज में कारगर हैं।
  • वासा एक बेहतरीन प्राकृतिक तत्व हैं जिसमें बहुत-से गुणों का सम्मेलन होता हैं। यह एक एंटी-एलर्जी, एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीवायरल, एंटीसेप्टिक, मूत्रवर्धक आदि सभी गुणों से निहित होता हैं। यह सूजन, बुखार, गठिया, खुजली आदि सभी के इलाज में सहायक हैं।
  • गिलोय ब्लड शुगर को कम करने का कार्य करता हैं। साथ ही यह पीलिया, अपच, गोनोरिया, ल्यूकोरिया, मधुमेह आदि सभी बड़े विकारों का भी इलाज करता हैं।

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पंचतिक्त घृत के उपयोग व फायदे – Panchatikta Ghrita Uses & Benefits in Hindi

पंचतिक्त घृत के नियमित सही सेवन के निम्न उपयोग व फायदे है।

  • वात, कफ, पित्त के इलाज में फायदेमंद
  • शारीरिक गतिविधियां सामान्य रखने में उपयोगी
  • त्वचा की परेशानियों का निदान
  • बाहरी घावों का फटाफट भरना
  • बवासीर में फायदेमंद
  • खांसी का अंत
  • न ठीक होने वाले अल्सर के मामलों में बहुत ही ज्यादा कारगर
  • विषाक्ता को मिटाने में सहायक
  • कृमि संक्रमणों से पहुँची हानि की भरपाई
  • पाचन शक्ति में बढ़ोतरी
  • बुखार, खांसी, सर्दी, गले में खराश जैसे सामान्य लक्षणों में फायदेमंद
  • तंदुरुस्ती और चुस्ती का आभास
  • आसानी से उपलब्ध दवा
  • अपच से छुटकारा
  • हृदय को स्वस्थ रखने में फायदेमंद

पंचतिक्त घृत के दुष्प्रभाव – Panchatikta Ghrita Side Effects in Hindi

पंचतिक्त घृत के नुकसान के बारें में अभी तक कोई खास तथ्य सामने नहीं आया हैं। नुकसान के बारें में असर ये कहा जाता हैं, कि दवाओं का गलत इस्तेमाल और अनिश्चित खुराक का सेवन करने से शरीर को इसका खामियाजा भुगतना तय होता हैं। इस दवा को उपयोग में लेने से पहले हर तरह की जानकारी लेनी आवश्यक हैं जो डॉक्टर आधारित होनी चाहिए।

कुछ विषम परिस्थितियों में दवा के गलत सेवन से निम्न छोटी समस्याएं पैदा हो सकती हैं जैसे,

  • हल्का सिर दर्द
  • जी मचलाना
  • तेलीय चीजों के प्रति असंवेदना
  • अत्यधिक पसीना
  • ऑइली स्किन
  • दस्त लगना

पंचतिक्त घृत की खुराक – Panchatikta Ghrita Dosage in Hindi

  • पंचतिक्त घृत को दवा में रूप में सेवन करने से पहले इसकी खुराक के बारें में आयुर्वेद से जुड़े चिकित्सक या विशेषज्ञ से परामर्श किया जाना चाहिए।
  • सामान्य व्यक्ति के लिए दिन में दो बार 3-6g भोजन करने से पहले इसकी खुराक लेना लाभकारी साबित होता हैं।
  • इस दवा की खुराक के बाद दूध का सेवन ऊपर से करने पर एक बेहतरीन परिणाम देखने को मिल सकता हैं।
  • बच्चों में भी इसकी खुराक दी जा सकती हैं लेकिन इसके लिए बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक हैं
  • इसकी खुराक में बदलाव से संबंधित बातों को डॉक्टर से साझा किया जाना चाहिए।
  • छूटी खुराक के प्रति नरमी बरतते हुए इसको सही समय पर लेना एकदम उचित हैं।
  • ओवरडोज़ का पता लगते ही चिकित्सा सहायता की ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।

Panchatikta Ghrita FAQ in Hindi

1) क्या पंचतिक्त घृत गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं?

उत्तर: गर्भवती महिलाओं में इस दवा का सेवन संभव हैं, लेकिन हर तरह की दुर्घटना से बचाव हेतु इस बारें में स्त्री रोग विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सम्पर्क आवश्यक हैं।

2) क्या पंचतिक्त घृत मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करता हैं?

उत्तर: पूर्णतया आयुर्वेदिक तत्वों से बनी यह दवा मासिक धर्म चक्र को बिल्कुल प्रभावित नहीं करती हैं। यह दवा सिर्फ सूचीबद्ध लक्षणों के प्रति अपनी कुशलता व्यक्त करती हैं। फिर भी, इस बारें में एक बार अपने मासिक धर्म चक्र से जुड़े चिकित्सक से जरूर मिलें।

3) क्या पंचतिक्त घृत की खुराक के उपरांत गाड़ी चलाना सुरक्षित हैं?

उत्तर: हां, इस दवा के सेवन के बाद गाड़ी चलाना बिल्कुल सुरक्षित हैं क्योंकि यह ड्राइविंग क्षमता को प्रभावित नहीं करती हैं। यदि लक्षणों की अधिकता पहले से ज्यादा हैं तो शारीरिक आराम लिया जाना चाहिए।

4) क्या पंचतिक्त घृत एल्कोहोल के साथ सुरक्षित हैं?

उत्तर: इस बारें में कोई पुख्ता जानकारी नहीं हैं। एल्कोहोल के साथ इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक से परामर्श किया जाना चाहिए।

5) क्या पंचतिक्त घृत के सेवन से इसकी आदत हो सकती हैं?

उत्तर: नहीं, इस दवा के सेवन से इसकी आदत नहीं हो सकती हैं क्योंकि यह पूर्णतया आयुर्वेदिक हैं जो स्वास्थ्य सहयोगी के रूप में कार्यरत हैं।

6) क्या पंचतिक्त घृत भारत में लीगल हैं?

उत्तर: हां, यह दवा भारत में पूर्णतया लीगल हैं।

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