मकरध्वज वटी के फायदे, नुकसान, खुराक, उपयोग | Makardhwaj Vati in Hindi

Makardhwaj Vati in Hindi

मकरध्वज वटी क्या है? – What is Makardhwaj Vati in Hindi

मकरध्वज वटी हर्बल तत्वों के बनी एक संयोजन दवा हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन और गुणकारी हैं। इस आयुर्वेदिक दवा का कार्य बिल्कुल सराहनीय हैं। मकरध्वज वटी का पूरा लाभ पाने के लिए दैनिक जीवन में इसका अलग से उपयोग किया जाना स्वाभाविक हैं। इस दवा का उपयोग लैंगिक समस्याओं और यौन से जुड़े सभी विकारों के इलाज हेतु किया जाता हैं।

वीर्य का पतलापन, स्वप्नदोष, शीध्रपतन, मूत्र के साथ वीर्य की हानि, आंखों की कमजोरी, स्मरण शक्ति का ह्रास, नपुंसकता, गर्भ न ठहरना, अपच, भ्रम, नसों में कमजोरी और दबाव, थकावट आदि सभी लक्षणों में इसका इस्तेमाल निःसंकोच किया जा सकता हैं और इससे एक अच्छा परिणाम मिलने की प्रबल संभावना हैं।

इसके अतिरिक्त यह दवा मूत्र मार्ग संक्रमणों के इलाज में भी पूर्ण रूप से सहायक हैं। एक सरल कथन में कहा जायें तो यह दवा मानव को अश्व शक्ति प्रदान करने का कार्य करती हैं।

मकरध्वज वटी घटक – Makardhwaj Vati Ingredients in Hindi

मकरध्वज वटी को आयुर्वेदिक तौर-तरीकों से दवा के रूप में बदला जाता हैं और जिसको बनाने में लगी सामग्रियों की सूची निम्नलिखित हैं।

मकरध्वज + कस्तूरी + काली मिर्च + जायफल + जल + कपूर

Makardhwaj Vati कैसे काम करती है?

  • यह दवा एक ऊर्जावान दवा हैं, जो पुरुषों को उनकी खोई हुई मर्दाना ताकत वापस दिलाती हैं और अनावश्यक वीर्य हानि को रोकती हैं।
  • यह दवा स्तभन दोषों का नाश कर नपुंसकता के खिलाफ एक अच्छा कार्य करती हैं।
  • इस दवा में उपस्थित प्राकृतिक घटक वात, पित्त और कफ से छुटकारा दिलाने में सहायक हैं। साथ ही, यह दवा स्टैमिना में सुधारकर यौन शक्ति में बढ़ोतरी करके कार्य करती हैं।
  • यह दवा शुक्र नलियों में जरूरी फैलाव तय कर वीर्य के प्रवाह को आसान और गाढ़ा बनाने का कार्य करती हैं।

पढ़िये: लाक्षादि गुग्गुल | कुटजारिष्ट

मकरध्वज वटी के उपयोग व फायदे – Makardhwaj Vati Uses & Benefits in Hindi

मकरध्वज वटी के नियमित सही सेवन के निम्नलिखित फायदे व उपयोग है।

  • डायबिटीज में एक बेहतरीन परिणामदायक
  • शारीरिक कमजोरी से ग्रस्त अंगों में नई जान डालना
  • नपुंसकता का नाश
  • स्तभन दोष से छुटकारा
  • प्रदर रोगों के इलाज में सहायक
  • स्मरण शक्ति में बढ़ोतरी
  • आवश्यक ऊर्जा की भरपाई
  • सभोंग समय में बढ़ोत्तरी
  • वात, पित्त और कफ से जुड़े रोगों का इलाज
  • लिंग के ढीलेपन को दूर करना
  • शीघ्रपतन और स्वप्नदोष से निजात
  • प्रबल हृदय की नींव रखना
  • मूत्र मार्ग में फैले संक्रमणों का इलाज
  • कामेच्छा के प्रति नया आगाज
  • नींद न आने की समस्या को दूर करना
  • पाचन तंत्र को सुदृढ़ बनाना
  • टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का संतुलन बनायें रखना
  • वीर्य दोषों के इलाज में मददगार

मकरध्वज वटी के दुष्प्रभाव – Makardhwaj Vati Side Effects in Hindi

वैसे तो अगर देखा जाएं तो एक दवा के कोई खास दुष्प्रभाव नहीं हैं। लेकिन इस दवा से होने वाले नुकसानों का अनुपात लाभ की तुलना में न के बराबर हैं। कुछ अपवादों या विषम स्थितियों में इस दवा से थोड़े बहुत आम दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

यदि इसकी खुराक का गलत या ज्यादा इस्तेमाल अनावश्यक रूप से किया जायें या शरीर के अलग प्रतिक्रिया से निम्न साइड एफ़ेक्ट्स हो सकते है।

  • चक्कर
  • शुक्राणुओं के प्रवाह गति में कमी
  • अनिद्रा
  • सिर भारी
  • तनाव
  • जल्दी गुस्सा आना आदि।

पढ़िये: Arogyavardhini Vati in Hindi | Kumaryasava in Hindi

मकरध्वज वटी की खुराक – Makardhwaj Vati Dosage in Hindi

  • मकरध्वज वटी की खुराक से जुड़ी हर तरह की बातें एक अच्छे चिकित्सक से साझा करें। बिना डॉक्टरी या विशेषज्ञ निर्देश इस दवा की खुराक का इस्तेमाल कम से कम किया जाना चाहिए। इस विषय में आयुर्वेदिक डॉक्टर को ज्यादा महत्व देवें।
  • सामान्य व्यक्ति के लिए इसकी खुराक दिन में एक या दो गोली सुबह-शाम भोजन के बाद गुणकारी हैं। जितना संभव हो सकें इस दवा को दूध के साथ लेने का प्रयत्न करें।
  • बच्चों में इस दवा का कोई कार्य नहीं हैं, इसलिए यह बच्चों में अनुशंसित नहीं की जाती हैं।
  • इसकी खुराक को अन्य घरेलू सामग्रियों के साथ ले सकते हैं जैसे शहद, मक्खन, मलाई। पानी की तुलना में ये सहयोगी घटक ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं।
  • खुराक में अपनी सुविधानुसार बदलाव करने से बचें।
  • दवा की खुराक स्वयं शुरू करने की स्थिति में इस पर अंकित निर्देशों का पूरा पालन करें।
  • ओवरडोज़ का पता लगते ही तुरंत चिकित्सा सहायता ढूंढने के प्रयास करें।
  • एक खुराक छूट जाये, तो निर्धारित मकरध्वज वटी का सेवन जल्द करें। अगली खुराक मकरध्वज वटी की निकट हो, तो छूटी खुराक ना लें।

सावधानिया – Makardhwaj Vati Precautions in Hindi

निम्न सावधानियों के बारे में Makardhwaj Vati के सेवन से पहले जानना जरूरी है।

किसी अवस्था से प्रतिक्रिया

निम्न अवस्था व विकार में मकरध्वज वटी से दुष्प्रभाव की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए जरूरत पर, डॉक्टर को अवस्था बताकर ही मकरध्वज वटी की खुराक लें।

  • गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएं
  • कम उम्र के बच्चे

भोजन के साथ प्रतिक्रिया

मकरध्वज वटी की भोजन के साथ प्रतिक्रिया की जानकारी अज्ञात है।

अन्य दवाई के साथ प्रतिक्रिया

मकरध्वज वटी के साथ अन्य दवाई की प्रतिक्रिया अज्ञात है। इस विषय पर डॉक्टर से विशेष सलाह लें।

पढ़िये: अकीक पिष्टी | पिपल्यासव

Makardhwaj Vati FAQ in Hindi

1) क्या मकरध्वज वटी गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं?

उत्तर: गर्भवती महिलाओं में इसका सेवन सिरे से खारिज माना जाता हैं क्योंकि यह दवा भ्रूण के विकास में बाधा पैदा कर सकती हैं। हमारा लक्ष्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर आपको उचित मार्ग दिखाना और सूचित करना हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं में इसका सेवन करने से पूरी तरह बचें।

2) क्या मकरध्वज वटी शारीरिक वजन बढ़ाने में सहायक हैं?

उत्तर: इस दवा का इस्तेमाल मुख्य रूप से वजन बढ़ाने हेतु करना बिल्कुल व्यर्थ हैं। हालांकि यह दवा पाचन में सुधारकर भूख लगने में जरूर मददगार हैं। इस विषय में शारीरिक वजन पूरी तरह भोजन की खुराक पर आधारित होता हैं।

3) क्या मकरध्वज वटी एक स्टेरॉयड युक्त दवा हैं?

उत्तर: यह दवा पूर्णतया आयुर्वेदिक और हर्बल हैं जिसमें उपस्थित सभी तत्व पूरी तरह प्राकृतिक हैं। कोई भी स्टेरॉयड घटक शामिल नहीं होने के कारण यह दवा स्टेरॉयड युक्त बिल्कुल नहीं हैं।

4) क्या मकरध्वज वटी मासिक धर्म चक्र को प्रभावित करती हैं?

उत्तर: इस विषय में कोई ठोस सबूत नहीं हैं। हर तरह की सावधानी बरतते हुए इस विषय में अपने निजी मासिक धर्म से जुड़े डॉक्टर का पूरा सहयोग लेवें।

5) क्या मकरध्वज वटी एक नशेदार दवा हैं?

उत्तर: इस दवा के लंबे समय से भी इसकी आदत नहीं लगती हैं। डॉक्टर की देखरेख में इसका सेवन ओर भी सुरक्षित और बेहतरीन माना जाता हैं। इसके अलावा, इस दवा में कोई नशेदार तत्व उपस्थित नहीं हैं।

6) क्या मकरध्वज वटी भारत में लीगल हैं?

उत्तर: हां, यह दवा भारत में पूर्णतया लीगल हैं और आसानी से हर आयुर्वेदिक स्टोर पर उपलब्ध हैं।

पढ़िये: Vidangarishta in Hindi |  Panchatikta Ghrita in Hindi

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *